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मंगलवार, 30 जून 2009

कम्‍प्‍यूटर वायरस किस प्रकार कार्य करता है।

कम्‍प्‍यूटर वायरस किस प्रकार कार्य करता है।



सुनने में भले ही यह अजीब लगे परन्तु यह सूचना युग का अजूबा ही है । जहॉं एक ओर वायरस हमें असुरक्षिता को सहजता के साथ उजागर करते है वहीं दूसरी ओर यह भी प्रदर्शित करते हैं कि अत्यकन्तम परिष्कृत रूप से प्रोग्राम्‍ड किए गए वायरस कितना भयावह परिणाम दे सकता है । इसके प्रभाव से उत्पादकता दुष्प्रभावित होता है प्रतिदिन अरबो रूपयों की हानि हो सकती है।
उदाहरण के लिए विशेषज्ञों अनुमान लगाया कि वर्ष 2004 में मॉयडूम वर्म नामक वायरस ने मात्र एक दिन में ही लगभग 25 लाख कम्यू सक टरों को सक्रमित किया था । मार्च 1999 में प्रकाश में आया मलेसिया वर्म इतना घातक प्रभाववाला था कि इसने माक्रोसाफ्ट तथा अन्यक कई बड़ी कम्पनियों को उनका ई-मेल सिस्टेम पूर्ण रूप से तब तक बंद करने को मजबूर कर दिया जब तक उसकी पहचान एवं रोकथाम सुनिश्चित न किया जा सका । वर्ष 2000 में आया आई लब यू वायरस का प्रभाव भी बहुत कुछ इसी तरह का था । विशेषज्ञों के अनुमान अनुसार जनवरी 2007 में आए स्टार्म नामक वर्म ने 50 लाख कम्‍प्‍यूटर को अपने चपेटे में ले लिया ।
सामान्यंत: पाए जाने वाले वायरस निम्नकलिखित हैं :-

वायरस :- वास्त व में वायरस स्वीत: ही अत्यकन्तक छोटे सॉफ्टवेयर होते हैं , जो अन्य महत्व्पूर्ण प्रोग्राम के साथ जुड़ जोते हैं। उदाहरण के लिए एक वायरस स्प्रेुडशीट जैसे एक प्रोग्राम से एटैच्चत हो सकता है। जब- जब स्प्रेोडशीट प्रोग्राम रन होता है तब वायरस भी सक्रिय हो जाता है इसके साथ यह सिस्ट्म में विद्यमान अन्यर प्रोग्राम को सक्रमित करके अपनी संख्याल को बढ़ाता है

ई-मेल वायरस :- इस प्रकार के वायरस ई-मेल के साथ एटैच्चैमेन्ट के रूप में फैलते हैं तथा व्यफक्ति विशेष के ई-मेल में अतिक्रमण कर उसके एड्रेस बुक में विद्यमान ई-मेल कॉन्टेक्ट के माध्यैम से फैलते हैं। कुछ ई-मेल वायरस को सक्रिय होने के लिए डबल क्लिक करने की आवश्य कता भी नहीं होती यह तो मात्र उपयोगकर्ता द्वारा संक्रमित ई-मेल चेक करते समय प्रीव्यू् पेन में देखने मात्र से सक्रिय हो जाते हैं।

ट्रोजन हार्स :- इस श्रेणी के वायरसएक प्रकार का कम्‍प्‍यूटर प्रोग्राम होते हैं। ऐसे प्रोग्राम एक निश्चित कार्य करने का संदेश देते हैं परन्तु सक्रिय करने पर निदेशित कार्य न कर वास्तेव में आपके सिस्टम को हानि पहुँचने का कार्य करते हैं। इस प्रकार के वायरस आपका हार्ड डिस्कि भी इरेज कर देते हैं ।
वर्म :- वर्म साफ्टवेयर का अत्यपन्ति सूक्ष्मन अंश होते हैं, जो अपनी संख्याक में वृद्धि करने के लिए कम्यू कर टर नेटवर्क तथा सुरक्षा खामियों का लाभ अपनी संख्यास बढ़ाने के लिए करते हैं। यह नेटवर्क पर विद्यमान अन्य मशीन को खोजते हुए अन्या मशीन में भी अपनी पैठ बना लेता है । इस प्रकार यह अपनी संख्या बढ़ता रहता है।

मंगलवार, 21 अप्रैल 2009

हिन्दी में ई - मेल


हिन्दी में ई - मेल


संचार क्रांति के इस युग में अब संदेष मात्र डाक-तार से ही नहीं भेजे जाते हैं बल्कि इन्टरनेट, फैक्स, मॉडेम आदि अत्याधुनिक उपकरणों का बखुबी से प्रयोग होने लगा है । इस दिशा में केन्द्र सरकार तथा सभी प्रदेशों की राज्य सरकारें ई-गर्वनेन्स को बढ़ावा देने में प्रयासरत रहीं हैं। वर्तमान में ई-मेल द्वारा संदेश भेजने का चलन बढ़ गया है क्योंकि इससे संदेश भेजना जितना सरल है उतना ही कम खर्चीला भी है । इसके अतिरिक्त इन्टरनेट द्वारा प्रेषित संदेषों की गोपनीयता बरकरार रहती है क्योंकि इसके संचालन हेतु पासवर्ड की आवश्यनकता पड़ती है ।

हिन्दी में ई-मेल भेजना
ई-मेल भेजने की प्रक्रिया अंग्रेजी एवं हिन्दी में एक समान ही है । सर्वप्रथम माउस से ‘’इन्टरनेट एक्सप्लोरर’’ सक्रिय कर वांछित साइट लॉग ऑन करें । ई-मेल आई.डी. एवं पासवर्ड अपेक्षित स्थान पर टाइप कर ''ओ.के.प्रेस बटन'' क्लिक कर दें। हिन्दी में टाइप संदेश तथा तत्संबंधी फॉन्ट के एटैचमेन्ट विधि की जानकारी निम्नानुसार प्रस्तुत है :-

फॉन्ट एटैचमेन्ट संबंधी पूर्व तैयारी

चूँकि कम्पोज विन्डो में हिन्दी में संदेष टाइप करने की व्यवस्था नहीं होती है इसलिए हिन्दी में टाइप किए हुए संदेश (वर्ड अथवा एक्सेल फाइलें) तथा संबंधित हिन्दी फॉन्ट को डेस्कटॉप पर पेस्ट कर दें क्योंकि बहुत संभव है कि जिस हिन्दी फॉन्ट में संदेश टाइप किया गया है वह फॉन्ट उस व्यक्ति के पास न हो जिसे आप संदेश भेज रहें हैं। ऐसी स्थिति में संबंधित फॉन्ट जिसमें संदेश टाइप किया गया है, का प्रयोग कर प्राप्तकर्ता प्रेषित संदेश पढ़ने में सक्षम हो सकेगा।
01 ई-मेल एकाउन्ट ओपन होने पर कम्पोज बटन क्लिक कर कम्पोज विन्डो में प्राप्तकर्ता के नाम अंग्रेजी में संक्षिप्त संदेष टाइप करें कि ‘’मेल के साथ हिन्दी में संदेष तथा तत्संबंधी फॉन्ट एटैच किया जा रहा है।‘’ तदुपरान्त ‘एटैच प्रेस बटन’ क्लिक करें।
02 ऐसा करते ही एटैचमेन्ट विन्डो ओपन होगा, जिसमें स्क्रीन पर एटैचमेन्ट हेतु विकल्प प्रदर्शित होगा जिसमें हिन्दी में टाइप किए हुए संदेश वाली फाइल के पाथ का उल्लेख करें । उदाहरण के लिए डेस्कटॉप पर ‘santosh' नामक वर्ड फाइल को एटैच करने के लिए पाथ के रूप में c/desktop/santosh.doc का उल्लेख कर ‘ओ.के. प्रेस बटन’ क्लिक करना होगा। ऐसा करते ही फाइल ''अपलोडिंग'' प्रक्रिया आरम्भ हो जाएगी । ''अपलोडिंग प्रक्रिया'' के समर्थन में पुष्टि संदेश स्क्रीन पर आने पर 'ओ.के.प्रेस बटन’ माउस द्वारा क्लिक कीजिए ।
03 इसी प्रकार फॉन्ट एटैच करने के लिए उपरोक्त विधि का पालन करें । ध्यान रखें कि फॉन्ट कन्ट्रोल पैनल के ‘फॉन्ट फोल्डर’ में होते हैं । अतः फॉन्ट के पाथ का उल्लेख करने संबंधी व्यर्थ की परेषानी से बचने के लिए ऑपरेटर संबंधित फॉन्ट कॉपी कर डेस्कटॉप पर पेस्ट कर ले तथा एटैचमेन्ट हेतु विकल्प प्रदर्शित होने पर क्रमश: डेस्कटॉप एवं फॉन्ट का नाम टाइप या सिलेक्ट कर दें । यदि फॉन्ट फ्‌लॅापी से एटैच करना हो तो ''ए'' ड्राइव का विकल्प पाथ के रूप में टाइप कर ‘ओ.के.प्रेस बटन’ क्लिक करें। तदुपरान्त अपलोडिंग के समर्थन में पुष्टि संदेश स्क्रीन पर आने पर क्रमषः ''ओ.के.''व ''डन'' प्रेस बटन क्लिक कीजिए। ऐसा करते ही एटैचमेन्ट विन्डो बन्द हो जाएगी ।
04 ई-मेल भेजने के आखरी चरण के अन्तर्गत कम्पोज पेज पर एटैच्ड फाइलों की सूची प्रदर्शित होगी । अब ''सेन्ड प्रेस बटन'' क्लिक कर दें । उपर्युक्त विधि के प्रयोग से हिन्दी में ई-मेल द्वारा संदेश प्रेषित किए जा सकते हैं।

सोमवार, 20 अप्रैल 2009

सी.डी. पर सामग्री संचित करना


सी.डी. पर सामग्री संचित करना

वर्तमान युग में डेटा संचित करना अति महत्वपूर्ण एवं चुनौतिपूर्ण कार्य माना जाता है। डेटा संचय हेतु फ्लापि व पेन ड्राइव आदि इलेक्ट्रानिक उपकरण बाजार में उपलब्ध हैं किन्तु अब भी डेटा चिरकाल तक स्थायी रूप से संचित करना कठीन ही प्रतीत हो रहा है क्योंकि उपयुक्त उपकरणों के खराब हो जाने का खतरा बना रहता है। चिरकाल तक डेटा को स्थायी रूप से संचित करने हेतु वर्तमान में सी.डी. पर सामग्री संचित करने का चलन बढ़ रहा है क्योंकि डेटा संचय हेतु प्रयुक्त अन्य उपकरणों की अपेक्षा सस्ता तथा चिरकालिक है ; इसके करप्ट होने का जोखिम नहीं रहता है। सी.डी. पर डेटा संचय की पद्घति अत्यंत सहज एवं सरल भी है । इस लेख में उक्त से संबंधित जानकारी निम्नवत प्रस्तुत है :-

डेटा संचय हेतु वांछित सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर

सर्वविदित है कि कम्प्यूटर में इन्स्टाल्ड भिन्न - भिन्न सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर के भिन्न कार्य होते हैं जिसके अभाव में कम्प्यूटर अपेक्षित कार्य करने में सक्षम नहीं हो पाएगा। अत : उपयोगकर्ता को सर्वप्रथम सी.पी.यू. स्लॅाट में सी.डी. राइटर और कम्प्यूटर प्रोग्राम में न्यूरो एक्स्प्रेस सॅाफ्टवेयर इन्स्टाल करवाना होगा।

सी.डी. पर डेटा संचित करने की प्रक्रिया

1.डेटा संचय प्रक्रिया के आरम्भ ऑपरेटर "स्टार्ट" मेन्यू को माउस द्वारा क्लिक कर इन्स्टाल्ड कम्प्यूटर प्रोग्रामों की सूची से "न्यूरो स्टार्ट स्मार्ट सॉफ्टवेयर" को सक्रिय कर लें ।
2. ऐसा करते ही मॉनिटर पर "न्यूरो" नामक डॅायलग बॉक्स प्रदर्शित हो जाएगा जिसमें से उपयोगकर्ता रूची अथवा आवश्यकतानुसार संचित/राइट किए जाने वाले सामग्री के फार्मेट का चयन कर ले ; उदाहरण के लिए यदि ऑपरेटर डेटा फार्मेट में डेटा संचित करना चाहता है तो वह पूर्वोक्त डॅायलग बॉक्स में से मेक डेटा डिस्क फार्मेट का चयन कर ले ।
3. अगली प्रक्रिया के रूप में मॉनिटर पर "न्यूरो एक्स्प्रेस" नामक डॅायलग बॉक्स मॉनिटर पर आ जाएगा जिसके ड्रॉप डॉउन मेन्यू को सक्रिय करते हुए ऑपरेटर को क्रमश: उस स्थान का उल्लेख करना होगा जहाँ उसने (ऑपरेटर)े संचित/राइट किए जाने वाले फोल्डर / डेटा को संचित कर रखा है और डॉयलग बॉक्स के नीचे विद्यमान "नैक्स्ट" प्रेस बटन को क्लिक करना होगा।
4. ऐसा करते ही "सिलेक्ट फाइल्स एण्ड फोल्डर्स" नामक डॉसलग बॉक्स स्क्रीन पर अवतरित हो जिसमें चयनित स्थान /ड्राइव में संचित समस्त शार्टकट मेन्यू ,फाइल तथा फोल्डर आदि प्रदर्शित हो जाएंगे।
5. अगले चरण में ऑपरेटर प्रदर्शित शार्टकट मेन्यू ,फाइल तथा फोल्डर आदि में से सी.डी. पर राइट किए जाने योग्य फाइल /फोल्डर को माउस द्वारा चून कर "एैड" प्रेस बटन को क्लिक कर लें वाँछित डेटा चुन लेने के उपरान्त "फिनिश" (कुँजी) बटन प्रेस करें ।
6. प्रक्रियास्वरूप स्क्रिन पर परिलक्षित "न्यूरो एक्सप्रेस" डॉयलग बॉक्स में राइट किए जाने वाले डेटा आ प्रतिबिम्बित हो जाएंगे । त्रुटिवश चयनित फाइल तथा फोल्डर को हटाने हेतु माउस द्वारा उन्हें चुन कर "डिलिट" प्रेस बटन को क्लिक करें ।
7. तदुपरान्त "नैक्सट" (कुँजी) बटन को माउस द्वारा सक्रिय कर उपरोक्त डॉयलग बॉक्स के अन्तर्गत "फाइनल बर्न सेटिंग" में क्रमश: राइटिंग स्पीड कॉलम,सी.डी. राइट करने की अपेक्षित गति, मल्टिसेशन एवं वेरिफाय ऑफटर राइटिंग सी.डी. विकल्प को माउस के माध्यम से आवश्यकता अनुरूप सक्रिय कर दें ।
8. इस बीच सी.डी. राइटर में खाली (ब्लैंक) सी.डी. इनसर्ट कर दें। अंतिम चरण में "बर्न" कुँजी को माउस से प्रेस कर दें। ऐसा करने के साथ ही कम्प्यूटर ड्राइव में सी.डी. की उपस्थिति जाँचते हुए डेटा राइट करने की प्रक्रिया आरम्भ कर देगा तथा उक्त की समाप्ति पर तत्संबंधी सूचना मॅानिटर पर स्वत: ही प्रदर्शित कर देगा।