रविवार, 7 नवंबर 2010

हिन्‍दी अंग्रेजी के कुछ अन्‍य मुहावरें

हिन्‍दी अंग्रेजी के कुछ अन्‍य मुहावरें 


<pr> अंधे के आगे रोए अपना दीदा खोए। भैंस के आगे बीन बजाना, मुहावरा To throw pearls before swine .(ICL>IDIOM) अंधेरे में छलांग लगाना, मुहावरा To leap in the dark. (ICL>IDIOM) अंधों में काना राजा, मुहावरा A figure among ciphers (ICL>IDIOM) अंधों में काना राजा, मुहावरा In the country of blind men one –eyed person is the king. (ICL>IDIOM) अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता, मुहावरा One swallow does not make a summer (ICL>IDIOM) अपनी गली में कुत्‍ता भी शेर, मुहावरा A dog is a lion in his own den. (ICL>IDIOM) अपनी दही को कौन खट्टा कहता है ?, मुहावरा Every potter praises his own pot. (ICL>IDIOM) अपने मुँह मियां मुट्ठू बनाना, मुहावरा To blow one’s own trumpet.  (ICL>IDIOM) अपने मुँह मियां मुट्ठू बनाना, मुहावरा To beat one’s own drum.  (ICL>IDIOM) अब पछताए होत क्‍या जब चिडिया चुग गई खेत, मुहावरा After death the doctor. (ICL>IDIOM) अब पछताए होत क्‍या जब चिडिया चुग गई खेत, मुहावरा It is no use crying over spilt milk. (ICL>IDIOM) ऑंख का तारा होना, मुहावरा The apple  of one’s eyes (ICL>IDIOM) ऑंखे खुल जाना/ ऑंखे खोलना, मुहावरा To open one’s eyes. (ICL>IDIOM) ऑंखें में धूल झोंकना, मुहावरा To throw dust in a person’s eyes. (ICL>IDIOM) ऑंखें में धूल झोंकना, मुहावरा To pull wool over a person’s eyes. (ICL>IDIOM) आग से खेलना, मुहावरा To play with fire. (ICL>IDIOM) इधर कुँआ उधर खाई , मुहावरा Between Scylla and Charybdis.(ICL>IDIOM) इधर कुँआ उधर खाई , मुहावरा Between devil  and deep sea.(ICL>IDIOM) उँगलियों पर होना, मुहावरा To have something at one’s fingers end. (ICL>IDIOM) उँगलियों पर होना, मुहावरा To be on the tips of one’s fingers.(ICL>IDIOM) उँगली पकड़कर पहुँचा पकड़ना, मुहावरा Give me an inch and he will take ell. (ICL>IDIOM) एक कान से सुनना दूसरे से निकाल देना, मुहावरा In at one ear and out at the other. (ICL>IDIOM) एक पथ दो काज, मुहावरा To kill two birds with one stone. (ICL>IDIOM) कब्र में पैर लटकाना/ होना, मुहावरा With one foot in the grave. (ICL>IDIOM) कमर कसना, मुहावरा To grid up one’s loin. (ICL>IDIOM) कहे खेत की सुने खलिहान की , मुहावरा Talk of chalk and hear of cheese. (ICL>IDIOM) कानों पर जूँ तक न रेंगना, मुहावरा To turn a deaf ear to (ICL>IDIOM) काबू से बाहर होना, मुहावरा To get out of control. (ICL>IDIOM) काबू से बाहर होना, मुहावरा To take bit between teeth. (ICL>IDIOM) कुत्‍ते की दुम कभी सीधी नहीं होती, मुहावरा Natural characteristics persist forever. (ICL>IDIOM) / कुत्‍ते की पूँछ टेढ़ी की टेढ़ी, मुहावरा A leopard never changes it’s stripes. (ICL>IDIOM)  केवल थोथी बातों से पेट नहीं भरता, मुहावरा Bare words buy no barley. (ICL>IDIOM) कोयले की दलाली में हाथ काले , मुहावरा Evil association must leave it’s impress. (ICL>IDIOM) कोयले की दलाली में हाथ काले , मुहावरा He that deals in dirt has ever foul fingers. (ICL>IDIOM) कौड़ी- कौड़ी से पाया जुड़ती है , मुहावरा Penny and penny laid up will be many. (ICL>IDIOM) कौड़ी दॉंत से पकड़ना, मुहावरा To look twice at a penny.  (ICL>IDIOM) कौड़ी दॉंत से पकड़ना, मुहावरा To be stickler for every penny. (ICL>IDIOM) कोड़ी हाथ न लगना, मुहावरा To draw a blank. (ICL>IDIOM) खेत रहना, मुहावरा To lick the dust. (ICL>IDIOM) गधा पीटने से घोड़ा नहीं होता , मुहावरा The Ethiopian never changes his skin. (ICL>IDIOM) गधे को खिलाया पाप न पुण्‍य, मुहावरा Kindness is lost upon  an ungrateful man. (ICL>IDIOM) गांठ का पूरा ऑंख का अंधा, मुहावरा Having a full purse and an empty head. (ICL>IDIOM) गिरगिट की तरह रंग बदलना, मुहावरा To change colours. (ICL>IDIOM) गिरगिट की तरह रंग बदलना, मुहावरा To make frequent somer saults. (ICL>IDIOM) गुड़ खाना गुलगुलों से परहेज करना, मुहावरा To swallow a camel and be choked with the tail. (ICL>IDIOM) गुड़ खाना गुलगुलों से परहेज करना, मुहावरा To swallow a camel and to strain at a gnat.  (ICL>IDIOM) गुड़ गोबर करना, मुहावरा To make a hash of. (ICL>IDIOM) गुड़ न दे गुड़ की सी बात तो कहे , मुहावरा Honey in the mouth saves the purse. (ICL>IDIOM) घर का भेदी लंका ढाए, मुहावरा Traitors are the worst enemies. (ICL>IDIOM) घर में सूत न कपास जुलाहे से लट्ठम लट्ठा, मुहावरा Count not your chickens until they are hatched.  (ICL>IDIOM) घाव पर नमक छिड़कना , मुहावरा To add insult to injury. (ICL>IDIOM) घुल कर कांटा होना, मुहावरा To be reduced to a skeleton. (ICL>IDIOM) धूरे के दिन भी फिरते हैं , मुहावरा Every dog has a day. (ICL>IDIOM) धूरे के दिन भी फिरते हैं , मुहावरा Every cloud has a silver lining. (ICL>IDIOM) चढ़ते सूर्य को नमस्‍कार करना, मुहावरा To worship the rising sun. (ICL>IDIOM) चिंता बुरी बला , मुहावरा Care is no cure. (ICL>IDIOM) चिंता बुरी बला , मुहावरा Care killed a cat. (ICL>IDIOM) चित भी मेरी पट भी मेरी, मुहावरा Head I win, tails you lose. (ICL>IDIOM) चोट्टी कुतिया जलेबियों की रखवाली, मुहावरा To set a fox to keep the geese. (ICL>IDIOM) चोर का दिल आधा, मुहावरा A thief has no guts. (ICL>IDIOM) चोर का साथी गवाह/ गिरहकट , मुहावरा Birds of feather flock together. (ICL>IDIOM) चोर-चोर मौसेरे भाई , मुहावरा Dog do not eat dogs. (ICL>IDIOM) चोर-चोर मौसेरे भाई , मुहावरा There is honesty among the thieves. (ICL>IDIOM) चोर चोरी से जाए हेराफेरी से न जाए, मुहावरा To run with the hare and hunt with the hounds. (ICL>IDIOM) चोर से कहो चोरी कर साहू से कहो जागते रहो, मुहावरा To beat the woods and rouse the hounding prey. (ICL>IDIOM) जमीन आसमान एक करना, मुहावरा To move  heaven and earth. (ICL>IDIOM) आकाश-पाताल एक करना, मुहावरा To leave no stone unturned. (ICL>IDIOM) जिसका खाना उसी का बजाना, मुहावरा He that pays the piper calls the tune. (ICL>IDIOM) जिस पत्‍तल में खाना उसी में छेद करना, मुहावरा To cut/bite the hand that feeds.(ICL>IDIOM) जिस पत्‍तल में खाना उसी में छेद करना, मुहावरा To fell the tree that gives you shelter. (ICL>IDIOM) जैसा करोगे वैसा भरोगे , मुहावरा As you sow, so shall you reap. (ICL>IDIOM) जैसी करनी वैसी भरनी , मुहावरा As you make your bed so you must lie. (ICL>IDIOM) जो गरजते हैं वे बरसते नहीं हैं , मुहावरा Barking dogs seldom bite. (ICL>IDIOM) जो गरजते हैं वे बरसते नहीं हैं , मुहावरा Great barker are no biters. (ICL>IDIOM) जो मक्‍के में रहते हैं हज नहीं करते, मुहावरा Nearer the church farther the god. (ICL>IDIOM) जिराग तले अंधेरा, मुहावरा Nearer the church farther the god. (ICL>IDIOM) झुक चले तो टूटे क्‍यों , मुहावरा Better to bow than break. (ICL>IDIOM) तख्‍त या तख्‍ता, मुहावरा To hit or miss. (ICL>IDIOM) तख्‍त या तख्‍ता, मुहावरा, मुहावरा To win the horse or lose the saddle. (ICL>IDIOM) तारीफों के पुल बॉंधना , मुहावरा To praise to the skies. (ICL>IDIOM) तिल का ताड़ करना , मुहावरा To make mountain of mole-hill. (ICL>IDIOM) राई का पर्वत करना , मुहावरा To make mountain of mole-hill. (ICL>IDIOM) तीर कमान से निकल चुका है , मुहावरा The die is cast. (ICL>IDIOM) थूक कर चाटना, मुहावरा To eat one’s words. (ICL>IDIOM) दबने पर चींटी भी काटती है , मुहावरा Even worm will turn. (ICL>IDIOM) दरवाजा खुला रखना , मुहावरा To leave the door open. (ICL>IDIOM) दॉंत खट्टे करना, मुहावरा To inflict a crushing defeat. (ICL>IDIOM) दॉंत खट्टे करना, मुहावरा To make one lick the dust. (ICL>IDIOM) दान की बछिया के दॉंत नहीं गिने जाते , मुहावरा A gift horse is not looked in to mouth. (ICL>IDIOM) दाम करावे काम, मुहावरा Money makes the mare go. (ICL>IDIOM) दिन दुना रात चौगुना बढ़ना , मुहावरा To grow by leaps and bounds. (ICL>IDIOM) दिमाग खराब करना, मुहावरा To turn one’s head. (ICL>IDIOM) मस्‍तक फेर देना,  मुहावरा To turn one’s head. (ICL>IDIOM) दुख में सुमिरन सब करें सुख में करे न कोय, मुहावरा Danger past god is forgotten. (ICL>IDIOM) दुख में सुमिरन सब करें सुख में करे न कोय, मुहावरा The devil sick would be a monk.. (ICL>IDIOM) दुधारू गाय की लात भी भली, मुहावरा If you will enjoy fire you must put up with the smoke. (ICL>IDIOM) दुबिधा में दोऊ गए माया मिली न राम, मुहावरा Between two stools one falls to the ground. (ICL>IDIOM) दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँक कर पीता है , मुहावरा A burnt child dreads the fire. (ICL>IDIOM) दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँक कर पीता है , मुहावरा Once caught/beaten twice shy. (ICL>IDIOM) दूध को दूध और पानी को पानी कहना , मुहावरा To call a spade a spade. (ICL>IDIOM) दूध को दूध और पानी को पानी कहना , मुहावरा To say what is true without fear or favour. (ICL>IDIOM) दूध घी की नदियॉं बहना, मुहावरा Flowing with milk and honey. (ICL>IDIOM) दूर के ढोल सुहावने , मुहावरा Blue are the hills that are far away. (ICL>IDIOM) दूर के ढोल सुहावने, मुहावरा Far fowls have fair feathers. (ICL>IDIOM) दूर के ढोल सुहावने, मुहावरा Distance lends enchantment to the view. (ICL>IDIOM) देखें ऊँट किस करवट बैठता है , मुहावरा Let us see which way the wind blows. (ICL>IDIOM) देखें ऊँट किस करवट बैठता है , मुहावरा Let us see which way the cat jumps. (ICL>IDIOM) दो मुल्‍लाओं में मुर्गी हराम , मुहावरा Too many cooks spoil the broth. (ICL>IDIOM) बहुत से जोगी मठ उजाड़, मुहावरा Two dog and a bone. (ICL>IDIOM) धूल चाटना, मुहावरा To lick the ground. (ICL>IDIOM) धूल में लट्ठ मारना, मुहावरा A leap in the dark . (ICL>IDIOM) धूल में लट्ठ मारना, मुहावरा A shot in the dark . (ICL>IDIOM) न कुछ से कुछ भला, मुहावरा Something is better than nothing. (ICL>IDIOM) न कुछ से कुछ भला, मुहावरा Better a small fish than an empty dish. (ICL>IDIOM) नाक भौ सिकोड़ना , मुहावरा To turn up one’s nose at. (ICL>IDIOM) नाच न जाने ऑंगन टेढ़ा , मुहावरा A bad workman quarrels with his tools. (ICL>IDIOM) नाम बड़े दर्शन थोड़े/छोटे, मुहावरा Much boast little roast. (ICL>IDIOM) नाम बड़े दर्शन छोटे, मुहावरा Much cry little wool. (ICL>IDIOM) नौ दो ग्‍यारह होना , मुहावरा To show a clean pair of heels. (ICL>IDIOM) नौ दो ग्‍यारह होना , मुहावरा To take to one’s  heels. (ICL>IDIOM) नौ नकद न तेरह उधार , मुहावरा A bird in hand is better than two in bush. (ICL>IDIOM) पट्ठे की जान गई पहलवान का दॉंव ठहरा, मुहावरा Life of wolf is the death of the lamb. (ICL>IDIOM) पानी में रहकर मगर से बैर , मुहावरा To live in Rome and clash with the pope. (ICL>IDIOM) पानी में रहकर मगर से बैर , मुहावरा To live in Rome and strife with the pope. (ICL>IDIOM) पाप का घड़ा भरना , मुहावरा He that swims in sins sinks in sorrow. (ICL>IDIOM) पापड़ बेलना , मुहावरा To be in hard circumstances. (ICL>IDIOM) पापड़ बेलना , मुहावरा To endure hardships. (ICL>IDIOM) पीठ में छूरा भोकना,  मुहावरा To stab in the back. (ICL>IDIOM) बड़े बोल का सिर नीचा , मुहावरा Pride goes before a fall. (ICL>IDIOM) बनी के सब यार है बिगड़ी का कोई नहीं , मुहावरा Success has many father but failure is an orphan. (ICL>IDIOM) बनी के सब यार है बिगड़ी का कोई नहीं , मुहावरा Friends are plenty when the purse is full. (ICL>IDIOM) बहती गंगा में हाथ धोना , मुहावरा To make hay while the sun shines. (ICL>IDIOM) बिना रोए मॉं भी दूध नहीं पिलाती, मुहावरा A closed mouth catches no flies. (ICL>IDIOM) बीता वक्‍त फिर हाथ नहीं आता , मुहावरा Time and tide wait for none. (ICL>IDIOM) भूख में गूलर भी पकवान , मुहावरा Hunger is the best sauce .(ICL>IDIOM) भूख में गूलर भी पकवान , मुहावरा Hungry dogs will eat dirty pudding. (ICL>IDIOM) मक्‍खन लगाना , मुहावरा To butter up a person. (ICL>IDIOM) मत्‍थे मढ़ना, मुहावरा To ram down one’s throat. (ICL>IDIOM) जबरदस्‍ती सुनाना, मुहावरा To thrust down one’s throat. (ICL>IDIOM) मुँह में पानी आना, मुहावरा To make one’s mouth water. (ICL>IDIOM) मुँह में राम बगल में छुरी, मुहावरा Beads about the neck and devil in the heart.(ICL>IDIOM) मुँह में राम बगल में छुरी, मुहावरा Counting his beads he conceals a dagger in his breast. (ICL>IDIOM) मुट्ठी गर्म करना, मुहावरा To grease one’s palm. (ICL>IDIOM) रोंगटे खड़े करना , मुहावरा To make one’s hair stand on end. (ICL>IDIOM) लोहे के चने चबाना , मुहावरा To undertake an assiduous job. (ICL>IDIOM) लोहे को लोहा काटता है , मुहावरा Diamond cuts diamond. (ICL>IDIOM) वही तीन बीसी वही साठ, मुहावरा Six of one and half a dozen of the other. (ICL>IDIOM) सस्‍ता रोए बार-बार महंगा रोवे एक बार, मुहावरा The cheap buyer takes bad meat. (ICL>IDIOM) सॉंझे की हांडी चौराहे पर फूटती है। , मुहावरा Everybody’s business is nobody’s business. (ICL>IDIOM) सॉंझे की हांडी चौराहे पर फूटती है। , मुहावरा A common horse is worst shod. (ICL>IDIOM)
</pr>


 

मंगलवार, 2 नवंबर 2010

न रंगा सियार बने, न मेढक बने, अनुवादक बने !

न रंगा सियार बने, न मेढक बने, अनुवादक बने !

भारत सरकार 1950 से केन्‍द्र सरकारी उपक्रमों, उद्यमों, बैंकों कारखानों व विविध यूनिटों में राजभाषा प्रचार-प्रसार हेतु करोड़ों रूपए व्‍यय करती रही है पर परिणाम आशानुकूल नहीं रहे हैं। इनके कारणों की मीमांसा करने पर मुझे दो कहानियॉं याद आ गईं।  

जी हॉं, रंगा सियार और मेढक की कहानी।

एक घना जंगल था जिसमें बहुत सारे जंगली जीव रहते थे। वैसे तो इस जंगल में सभी प्रकार के वन्‍य जीव रहते थे किन्‍तु सियारों की बहुतायत थी। चुँकि उसमें बहुत सारे जंगली जीव रहते थे इस लिए वह शिकारियों का शिकार करने का प्रिय स्‍थल था। एक दिन जंगल में शिकारियों का एक दल आया । वे अपने साथ शिकार के आवश्‍यक विविध उपकरण भी लाए जिसमें एक ड्रम भी था। उस ड्रम में नील लगी हुई थी। शिकारियों ने शिकार किया तथा शाम को लौट गए किन्‍तु ड्रम वहीं छोड़ गए। शिकारियों के जाने के बाद वन्‍य जीवों ने राहत की सांस ली और अपने साथियों की सलामती जानने को जंगल में निकल पड़े। ऐसे में सियारों का दल भी जंगल में निकल पड़ा, अपने साथियों की सलामती जानने के लिए नहीं वरन शिकारियों द्वारा मारे गए जीवों के छोड़ दिए गए अवशेषों का सफाचट करने के लिए।

अंतत: दल ने तलाब के किनारे मृत नीलगाय के अवशेष को खोज लिया। अब उसे खाने के लिए सब सियारों में होड़ लग गई। इस अफरातफरी के माहौल में एक सियार शिकारियों द्वारा छोड़े गए ड्रम में जा गिरा जिससे उसके पूरे शरीर में नील लग गई। किसी तरह प्रयास कर वह रंगा सियार ड्रम से निकलने सफल हुआ । उसे देखते ही सभी सियार पहले तो घबरा गए। उधर रंगा सियार दर्द के मारे कुछ बोल नहीं पा रहा था। उसके रंगे शरीर को देखकर अन्‍य सभी सियार उसे दिव्‍य शक्ति से अलंकृत मानने लगे तथा उसकी सेवा में लग गए और उसे भोजन व अन्‍य आवश्‍यक वस्‍तु उपहार में देने लगे। रंगा सियार के दिन फिर गए, अब वह शांत मुद्रा में अपने आवास के आगे बेठने लगा। वह मन ही मन प्रसन्‍न था कि उसे अब उसके अन्‍य साथियों की भॉंति भोजन की तलाश में भटकना नहीं पड़ता। इस तरह कुछ दिन निकल गए, इस बीच पूर्णिमा आ गई । रात को गोल चॉंद को देखते ही सभी सियारों में हुँऽआऽऽ, हुँऽआऽऽ करने की होड़ लग गई। इन आवाजों को सुनते ही रंगे सियार में भी ऐसी आवाज निकालने की प्रबल इच्‍छा हुई पर उसने कुछ हद तक तो अपने पर नियत्रण बनाये रखा क्‍योंकि वह समझ चुका था कि जैसे ही वह सियारों जैसी आवाज निकालेगा तो अन्‍य सियार उसे पहचान जाएंगे तथा उसे प्राप्‍त मान-सम्‍मान, उपहार सब कुछ समाप्‍त हो जाएगा। उसे भोजन के लिए जंगल में दिनों-दिन भटकना पड़ेगा। और हुआ भी वही जैसे ही उसने उनके साथियों की भॉंति आवाज निकालना आरंभ किया । सभी सियार उसे पहचान गए और रंगे सियार को प्राप्‍त सभी सुविधाएं समाप्‍त हो गईं।

कहने का तात्‍पर्य यह है कि आज शासकीय संस्‍थानों में बहुत सारे हिन्‍दी अधिकारी, सहायक निदेशक/ राजभाषा तथा राजभाषा प्रबंधक स्‍वयं को अपने कैडर के अन्‍य राजभाषा कर्मियों से बहुत अलग समझने लगे हैं, जबकि वास्‍तव में चाहे हिन्‍दी अधिकारी, सहायक निदेशक/राजभाषा , राजभाषा प्रबंधक, अनुवादक हो या राजभाषा सहायक सभी पर राजभाषा कार्यान्‍वयन का दायित्‍व एक समान हैं। किंतु वर्तमान में बहुत सारे हिन्‍दी अधिकारी, सहायक निदेशक/ राजभाषा तथा राजभाषा प्रबंधकों का व्‍यवहार रंगे सियार की भॉंति हो गया है।

अत्‍यन्‍त दु:ख के साथ यह लिखना पड़ रहा है कि आज जब मानव जगत चॉंद से आगे निकल कर ‘’मंगल’’ गृह की ओर बढ़ रहा है वहीं राजभाषा कार्यान्‍वयन के क्षेत्र में हिन्‍दी अधिकारी, सहायक निदेशक/ राजभाषा तथा राजभाषा प्रबंधकों की भूमिका मात्र अनुवादकों द्वारा किए गए अनुवाद की वेटिंग तथा कुछ सेमिनार कराने तक ही सिमट गई है।

क्‍यों नहीं हम आई.टी. क्षेत्र में हुए क्रॉंतिकारी परिवर्तनों का लाभ उठाते ? क्‍यों नहीं हम क्‍लर्क की मानसिकता से ऊपर उठ कर काम करें ? वर्तमान कई हिन्‍दी अधिकारी, सहायक निदेशक/ राजभाषा तथा राजभाषा प्रबंधकों को एक नई भूमिका ‘’प्रशासनिक अधिकारी’’ दी गई है। सर्वविदित है कि प्रशासनिक अधिकारी के असंख्‍य दायित्‍वों के साथ-साथ असंख्‍य अधिकार भी होते हैं। जिन्‍हें वह कार्यालय तथा कार्मिक हित में प्रयोग करता है। परन्‍तु यह देखने में आया है कि नई भूमिका में हमारे अधिकांश हिन्‍दी अधिकारी, सहायक निदेशक/ राजभाषा तथा राजभाषा प्रबंधक अनुवादकों पर ही अपने अधिकारों का प्रयोग कर अपने खंडित अहं को संतुष्‍ट कर रहे हैं।

ऐसा करके वे त्‍वरित प्रभाव के रूप अनुवादक को हतोत्‍साहित कर अपने अहम को संतुष्टि करने में सफल अवश्‍य हो जाते हैं परन्‍तु इसका दीर्घकालिक दुष्‍परिणाम पूरे संगठन के राजभाषा क्रियान्‍वयन पर पड़ता है।

अब आते दूसरी कहानी पर । एक छोटे से पोखर में एक मेढ़क रहता था । वह दिन भर पोखर में बिना किसी परेशानी के विचरण करता । छोटे-छोटे जीवों का भक्षण करता और आराम से टर्र-टर्र की आवाज निकाल कर दिन व्‍यतीत करता। चूँकि उस पोखर में कोई सर्प या उससे बड़ा अथवा उसका भक्षण कर सकने वाला अन्‍य जीव नहीं रहता था इसलिए उसकी दिनचर्या मजे में कट रही थी। ऐसे में वह अपने को दुनिया का बादशाह तथा पोखर को दुनिया ही समझने लगा। समय के साथ सावन का आगमन हुआ और इंद्र देव की कृपा हुई । अतिवृष्टि होने लगी पाखर लबालब भर गया, आसपास के गॉंव जलमग्‍न हो गए। ऐसे में बाढ़ के कारण न चाहते हुए भी मेढक पानी की धारा के साथ पोखर से निकल कर नदी से होता हुआ समुद्र में आ मिला । यहॉं समुद्र के विशाल जीव-जन्‍तुओं को देखकर उसकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। यहॉं वह भोजन के लिए जब भी ऑखें खोलता तो उसे उससे बड़े व भयावह विचित्र जीव ही दिखाई पड़ते। ऐसी स्थिति में वह कमजोर होता गया और अंतत: एक दिन काल के गाल में समा गया ।

 कहने का तात्‍पर्य यह है कि आज शासकीय संस्‍थानों में बहुत सारे हिन्‍दी अनुवादक, राजभाषा सहायक अपने वहीं पुराने कार्यविधि से संतुष्‍ट हैं तथा नविन परिवर्तनों को आत्‍मसात करने के प्रति उदासीन बने हुए हैं। स्‍वयं को अनुवादक की भूमिका में कम, लिपिक की भूमिका में अधिक सहज पाते हैं। माह के अंत में वेतन तो मिल ही जाएगा इस सोच से हमें ऊपर ऊठ कर कार्य करना होगा।

अब अनुवादकों को अनुवादक की भूमिका के साथ ही प्रशिक्षक की भूमिका में आना होगा। मात्र अनुवाद करके देने की अपेक्षा अब अपने सहकर्मियों को अनुवाद व हिन्‍दी युनिकोड टंकण के गुर सीखने में समय लगाना होगा। इसके साथ ही हमें हार्ड वर्कर के स्‍थान पर स्‍मार्ट वर्कर बनाना होगा और अनूदित समस्‍त डेटा को त्‍वरित संदर्भ हेतु इलेक्‍ट्रॉनिक फार्म में सुरक्षित रखना होगा अर्थात अनूदित सामग्रियों का डेटाबेस तैयार करना होगा जिससे समान रूप के प्रपत्रों को अनुवाद करने में हमें अधिक श्रम व समय का प्रयोग न करना पड़े और हमारी अनुपस्थिति में अन्‍य कार्मिक भी सहजता से अनुवाद करने में सफल हो पाएं। 

यह सर्व विदित है कि आज के युवा मात्र एम.ए. की डिग्री के साथ ही शासकीय सेवा में अनुवादक के रूप में नहीं आते हैं बल्कि राजभाषा प्रचार-प्रसार में उपयोगी विविध सॉफ्टवेयर के में कार्य करने की दक्षता भी है। हमें स्‍वैच्‍छा से अपने इन्‍हीं ज्ञान व ऊर्जा का प्रयोग शासकीय कार्यालयों के वेबसाइट के द्विभाषीकरण, ऑन-लाइन हिन्‍दी शब्‍दकोश, द्विभाषी ऑन-लाइन प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने में लगानी होगी।

प्राय: अनुवादकों व राजभाषा कर्मियों की यह शिकायत रहती है कि आई.टी. विभाग उनके सहयोग हेतु उदासीन रवैय्या रखता है पर अनुवादकगण स्‍वत: से यह प्रश्‍न करें कि यदि वह इंटरनेट का उपयोग जानता है तो क्‍यों नहीं वे यूनिकोड फान्‍ट का उपयोग करता है ?, क्‍यों वह वेबपेज डिजाइनिंग नहीं सीखता ? क्‍यों वह एम.एस. वर्ड की भॉंति ही एम.एस. फ्रन्‍टपेज में कार्य नहीं करता ?  हमें सदैव स्‍मरण में रखना होगा कि यदि हम पहल करेंगे तो लोग भी हमारे साथ जुड़ेंगे। पहल ही नहीं होगा तो जुड़ने का प्रश्‍न ही नहीं आएगा।

      10 वर्ष अनुवादक के रूप में कार्य करने के पश्‍चात मैं यह जान गया हूँ कि हम अपनी क्षमता से बहुत कम कार्य कर पाएं हैं, जो कि चोरी करने के समान ही है। कार्यालय समय में ही हमारे पास बहुत कुछ सीखने के पर्याप्‍त अवसर व समय होता है। हम सभी राजभाषा कर्मी कार्यालय समय में सूचना प्रौद्योगिकी का हिन्‍दी में प्रशिक्षण ग्रहण करें। पुस्‍तक खरीद योजना के अन्‍तर्गत सूचना प्रौद्योगिकी की हिन्‍दी में उपलब्‍ध पुस्‍तकें खरीदें व उसका अनुसरण करके वेबपेज डिजाइनिंग सीखें।

हिन्‍दी अधिकारी, सहायक निदेशक/राजभाषा, राजभाषा प्रबंधक, अनुवादक या राजभाषा सहायक हमें आपसी मन-मुटाव दूर रखकर राजभाषा कार्यान्‍वयन के मिशन में लगना होगा। एकदूसरे को नीचा दिखाने से राजभाषा कैडर की छवि तो खराब होगी ही इसके साथ ही आम कार्मिकों में यह संदेश जाएगा कि इनक पास कोई काम ही नहीं है। राजभाषा संबंधी दोनों ही वर्ग के पदों पर बने लोगों को ध्‍यान में रखना होगा कि जब हम दूसरे का सम्‍मान करते है तो ही हमें सम्‍मान मिलता है।
इस लेख के माध्‍यम से मैंने किसी कैडर विशेष पर आक्षेप नहीं लगाया है । बस 10 वर्ष के अनुभवों तथा राजभाषा कार्यान्‍वयन के मार्ग की बाधाओं की ओर लोगों का ध्‍यान आकर्षित करने का तुच्‍छ प्रयास मात्र किया है।

अतंत: पुन: कहुँगा कि न रंगा सियार बने, न मेढक बने, अनुवादक बने !

टेक्‍स्‍ट स्‍टाइल

टेक्‍स्‍ट स्‍टाइल

टेक्‍स्‍ट स्‍टाइल:- कई बार हमें वेबपेज में समाहित टेक्‍स्‍ट को बोल्‍ड, इटेलिक, अंडरलाइन, नार्मल फॉन्‍ट साइज से बड़े आकार में टेक्‍सट फॉन्‍ट करना, नार्मल फॉन्‍ट साइज से छोटे आकार में टेक्‍सट फॉन्‍ट करना, फॉन्‍ट को स्‍ट्राइक करना, सुपरस्क्रिप्‍ट, सबस्क्रिप्‍ट, टेक्‍स्‍ट को ब्लिंकिंग इफेक्‍ट देना तथा मरक्‍यू इफेक्‍ट के अन्‍तर्गत टेक्‍स्‍ट को वेबपेज में नीचे, ऊपर, दॉंए से बॉंए व बॉंए से दॉंए स्‍क्रॉल करना पड़ता है। इन सभी क्रियाओं के निम्‍नांकित एच.टी.एम.एल. टैग द्वारा संपादित किया जा सकता है।


वेबपेज में समाहित टेक्‍स्‍ट को बोल्‍ड, इटेलिक, अंडरलाइन करने के लिए एम.एस.वर्ड में नियत कन्‍ट्रोल + B, कन्‍ट्रोल + I तथा कन्‍ट्रोल + U कमाण्‍ड का ही प्रयोग किया जाता है। इन क्रियाओं को संपादित करने हेतु क्रमश: <B></B>,<I></I>तथा<U></U> एच.टी.एम.एल.कोड हैं।

नार्मल फॉन्‍ट साइज से बड़े आकार में टेक्‍सट साइज को रूपांतरित करना
<html>
<head>
<title>rajbhashagyandhara.blogspot.com</title>
<body>
<BIG>राजभाषा अधिनियम</BIG>
</head>
</html>

(इन टेग्‍स को कॉपी कर नोट पैड में पेस्‍ट कर इन्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोरर में ओपन कर इनका प्रभाव देखें।) 



नार्मल फॉन्‍ट साइज से छोटे आकार में टेक्‍सट साइज को रूपांतरित करना

<html>
<head>
<title>rajbhashagyandhara.blogspot.com</title>
<body>
<SMALL>राजभाषा अधिनियम</SMALL>
</head>
</html>
(इन टेग्‍स को कॉपी कर नोट पैड में पेस्‍ट कर इन्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोरर में ओपन कर इनका प्रभाव देखें।)

 टेक्‍सट फॉन्‍ट को स्‍ट्राइक प्रभाव देना
<html>
<head>
<title>rajbhashagyandhara.blogspot.com</title>
<body>
<STRIKE>राजभाषा अधिनियम</STRIKE>
</head>
</html>

(इन टेग्‍स को कॉपी कर नोट पैड में पेस्‍ट कर इन्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोरर में ओपन कर इनका प्रभाव देखें।)




टेक्‍सट फॉन्‍ट को सुपरस्क्रिप्‍ट व सबस्क्रिप्‍ट प्रभाव देना

<html>
<head>
<title>rajbhashagyandhara.blogspot.com</title>
<body>
<Sup>राजभाषा अधिनियम</Sup>
<SUB><BIG>राजभाषा अधिनियम</BIG></SUB>
</head>
</html>
(इन टेग्‍स को कॉपी कर नोट पैड में पेस्‍ट कर इन्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोरर में ओपन कर इनका प्रभाव देखें।)



टेक्‍सट फॉन्‍ट को ब्लिंकिंग इफेक्‍ट देना

<html>
<head>
<title>rajbhashagyandhara.blogspot.com</title>
<body>
<BLINK>राजभाषा अधिनियम</BLINK>
</head>
</html>
(इन टेग्‍स को कॉपी कर नोट पैड में पेस्‍ट कर इन्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोरर में ओपन कर इनका प्रभाव देखें।)



मरक्‍यू इफेक्‍ट देना

<html>
<head>
<title>rajbhashagyandhara.blogspot.com</title>
<body>
<Big>राजभाषा अधिनियम</BIG>
<MARQUEE><b>जय हिन्‍दी</b></MARQUEE>
</head>
</html>
(इन टेग्‍स को कॉपी कर नोट पैड में पेस्‍ट कर इन्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोरर में ओपन कर इनका प्रभाव देखें।)



नोट :- एच.टी.एम.एल. टेग्‍स को नोट पैड में टाइप करें । तदुपरान्‍त ‘’सेव ऐज’’ मेन्‍यू को कार्यान्‍विन्‍त करते हुए इसे क्रमश: ‘’एच.टी.एम.एल.’’ अथवा ‘’एच.टी.एम.’’ फार्मेट में सेव करें। ध्‍यान देने योग्‍य तथ्‍य यह है कि एन्‍कोडिंग अनुदेश के आगे ‘’यू.टी.एफ.-8’’ एन्‍कोडिंग तथा ‘’सेव ऐज टाइप’’ में ‘’ऑल फाइल्स सिलेक्‍ट होने चाहिए। अंतिम चरण में सेव किए गए वेबपे

बोल्‍ड, इटेलिक, इन्‍डरलाइन तथा एमफेसिस टेग्‍स

बोल्‍ड, इटेलिक, इन्‍डरलाइन तथा एमफेसिस टेग्‍स

बोल्‍ड, इटेलिक, इन्‍डरलाइन तथा एमफेसिस टेग्‍स <b>,<i>,<u> तथा<em> आदि कुछ महत्‍वपूर्ण टैग्‍स हैं जो सामान्‍यत: अधिकांशत: फार्मेटिंग हेतु प्रयोग में लाए जाते हैं। इन टैग्‍स से पाठ्य को क्रमश: बोल्‍ड, इटेलिक, अनडरलाइन तथा एमफेसिस प्रभाव दिया जाता है। यहॉं उदाहरण में उपरोक्‍त टैग्‍स का प्रयोग किया गया है। <br> टैग्‍स का प्रयोग लाइन ब्रेक कर नए लाइन से पाठ्य आरंभ करने हेतु किया जाता है।

बोल्‍ड, इटेलिक, इन्‍डरलाइन तथा एमफेसिस टेग्‍स कोड के उदाहरण:-

<html>
<head>
<title>rajbhashagyandhara.blogspot.com</title>
</head>
<body>
<b>जय जवान</b> <em>जय किसान</em> <i>जय विज्ञान</i>
<br>
<u>जय हिन्‍द, जय भारत।</u>
</body>
</html>

(इन टेग्‍स को कॉपी कर नोट पैड में पेस्‍ट कर इन्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोरर में ओपन कर इनका प्रभाव देखें।)

हेडिंग्स एवं पैराग्राफ टैग्‍स - अगला महत्‍वपूर्ण टैग्‍स हैं पेराग्राफ टैग्‍स <p> इसका प्रयोग वेबपेज प्रदर्शित पाठ्य में नया पैराग्राफ बनाने के लिए किया जाता है। इस टेग का प्रयोगकर्ता आवश्‍यकता अनुसार उपयोग कर सकता है। इसको निम्‍नांकित कोड में सहजता से समझा जा सकता है।


<html>
<head>
<title>rajbhashagyandhara.blogspot.com</title>
</head>
<body>
<b>my</b> <em>first</em><i> post</i>
<br>
<u>rajbhashagyandhara.blogspot.com</u>
<p>
राजभाषा विभाग, भारत सरकार द्वारा राजभाषा हिन्दी को सर्वव्यावपी बनाने तथा युनिकोड में हिन्दी टंकण को प्रोत्साहित करने हेतु समय-समय पर परिपत्र आदि परिचालित किए जाते हैं। </p>
</body>
</html>

(इन टेग्‍स को कॉपी कर नोट पैड में पेस्‍ट कर इन्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोरर में ओपन कर इनका प्रभाव देखें।)


हेडिंग्स - वेबपेज में विविध तरह के हेडिंग्स हो सकते हैं तथा इनका प्रयोग वेबपेज को सुव्‍यवस्थित करने हेतु किया जा सकता है। हेडिंग्‍स को <h> टैग्‍स से परिलक्षित किया जाता है। हेडिंग्‍स की श्रेणी <h1> से आरम्‍भ होकर <h6> पर समाप्‍त होती है। इनके प्रयोग के अनुसार ही हेडिंग्‍स का आकार निर्धारित होता है। निम्‍न उदाहरण से यह स्‍पष्‍ट हो जाता है:-


<html>
<head>
<title>rajbhashagyandhara.blogspot.com</title>
</head>
<body>
<h1>blogspot.com</h1>
<h2>santosh</h2>
<h3>kapil</h3>
</body>
</html>

(इन टेग्‍स को कॉपी कर नोट पैड में पेस्‍ट कर इन्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोरर में ओपन कर इनका प्रभाव देखें।)

नोट :- एच.टी.एम.एल. टेग्‍स को नोट पैड में टाइप करें । तदुपरान्‍त ‘’सेव ऐज’’ मेन्‍यू को कार्यान्‍विन्‍त करते हुए इसे क्रमश: ‘’एच.टी.एम.एल.’’ अथवा ‘’एच.टी.एम.’’ फार्मेट में सेव करें। ध्‍यान देने योग्‍य तथ्‍य यह है कि एन्‍कोडिंग अनुदेश के आगे ‘’यू.टी.एफ.-8’’ एन्‍कोडिंग तथा ‘’सेव ऐज टाइप’’ में ‘’ऑल फाइल्स सिलेक्‍ट होने चाहिए। अंतिम चरण में सेव किए गए वेबपेज को इन्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोरर में ओपन कर इनका प्रभाव देखें।






वेबपेज को सेव करने की विधि तथा सिंगल टैग्‍स

वेबपेज को सेव करने की विधि तथा सिंगल टैग्‍स

एच.टी.एम.एल. का पूर्ण अर्थ हाइपर टेक्‍स्‍ट मार्कअप लैंगवेज है। एमच.टी.एम.एल. कोड बेवपेज प्रोग्रामिंग का आधारभूत संरचना होती है। वेबपेज बनाने में एच.टी.एम.एल. टैग्‍स का जरूर प्रयोग होता है किन्‍तु सामान्‍यत: यह टैग्‍स वेबपेज पर प्रदर्शित नहीं होते हैं।


एच.टी.एम.एल. वेबपेज को सेव करने की विधि:- एच.टी.एम.एल. टेग्‍स को नोट पैड में टाइप करें । तदुपरान्‍त ‘’सेव ऐज’’ मेन्‍यू को कार्यान्‍विन्‍त करते हुए इसे क्रमश: ‘’एच.टी.एम.एल.’’ अथवा ‘’एच.टी.एम.’’ फार्मेट में सेव करें। ध्‍यान देने योग्‍य तथ्‍य यह है कि एन्‍कोडिंग अनुदेश के आगे ‘’यू.टी.एफ.-8’’ एन्‍कोडिंग तथा ‘’सेव ऐज टाइप’’ में ‘’ऑल फाइल्स निम्‍न चित्राअनुसार सिलेक्‍ट होने चाहिए। अंतिम चरण में सेव किए गए वेबपेज को इन्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोरर में ओपन कर इनका प्रभाव देखें।


सिंगल टैग्‍स :- कई बार हमें वेबपेज में लिखे गए सामग्री को अन्‍य सामग्री से अलग दर्शाने हेतु लाइन ब्रेक देने की आवश्‍यकता पड़ती है। इसके लिए जहॉं लाइन ब्रेक करना होता है उस स्‍थान पर <BR> टैग लगाना होता है । यहॉं ध्‍यान देने योग्‍य तथ्‍य यह है कि लाइन ब्रेक टैग लगाने के उपरान्‍त पूरक टैग अर्थात <BR> लगाने की आवश्‍यकता नहीं होती है। एच.टी.एम.एल. टैग्‍स केस सेंसेटिव नहीं होते हैं।



सिंगल टैग्‍स का प्रोग्रामिंग कोड 
<html>
<head>
<title>rajbhashagyandhara.blogspot.com</title>
<B>राजभाषा अधिनियम</B><BR>वेबपेज
</head>
</html>
 
 (इन टेग्‍स को कॉपी कर नोट पैड में पेस्‍ट कर इन्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोरर में ओपन कर इनका प्रभाव देखें।)
 
 

गुरुवार, 26 अगस्त 2010

अनपढ़ हूँ, साहब !


अनपढ़ हूँ, साहब !

जीवन में कुछ घटनाएं अनायास ही घट जाती हैं और व्‍यक्ति-विशेष पर बहुत गहरा प्रभाव डालती हैं। आज के भौतिकतावादी युग में हम व्‍यक्ति को देखकर ही उसके प्रति अपना विचार बनाने के आदी हो गए हैं। किसी पुलिसवाले को देखते ही हमारे मन भ्रष्‍ट एवं जुल्‍मी व्‍यक्ति की छवि बन जाती है वहीं फौजी को देखते ही मन में सम्‍मान जाग जाता है, नेता को देखते ही मन में ‘’घृणा’’ और मुँह में ‘’गाली’’............ और रिक्‍शेवाले को देखते ही मतलबपरस्‍त आदमी जो बस पैसे ऐठने का अवसर ........... जो मुश्‍किल वक्‍त में आपके गंतव्‍य स्‍थान पर नहीं पहुँचाने .......... ।

उस दिन ऐसा ही विचार मेरे मन में ‘’से’’ देखकर आया । उस दिन जब मेरी पत्‍नी और 1 माह की बीटिया की तबियत अचानक ही खराब हो गई। मैं बस फैक्‍टरी से आया ही था कि पता चला पत्‍नी और बच्‍ची का शरीर ज्‍वर से तप रहा है। मेरे 4 वर्ष के पुत्र ने कहा ‘’पापा, चलो हास्पि‍टल ले चलो! जैसे ही मैं अपने घर से बाहर निकला वैसे ही इंद्र देव ने हम पर ऐसी कृपा की मात्र 05 मिनटों में पानी से सारा इलाका त्राही-त्राही करने लगा। मैं अपने परिवार के साथ बरसात में रोड पर खड़ा होकर रिक्‍शेवाले की राह देखने लगा।  मैं ऐसी जगह रहता हूँ जो अम्‍बरनाथ नगर परिषद के नक्‍शे पर प्रतिवर्ष केवल मार्च-अप्रैल के महिने में ही प्रदर्शित होता है क्‍योंकि इस दौरान वार्ड के निवासियों से हाउस टैक्‍स के की उगाही होती है। बदले में सुविधाएं इतनी अच्‍छी की रास्‍तों पर गाड़ी चलाने से ही आपकों चॉंद के क्रेटर में सैर करने का आनन्‍द आ जाएगा। कुछ महिने पहले ही हमारा वार्ड कांक्रिट सम्राटों अर्थात ‘’बिल्‍डरों’’ के नजर में चढ़ा था पर मात्र कुछ महिने में यहॉं के ठीक-ठाक रास्‍तों को उन्‍होंने और ठीक-ठाक कर दिया था। ठीक-ठाक करें भी क्‍यों नहीं ? नगर परिषद में जाकर .............. त्‍याग जो करते हैं। मैं मन ही मन बिल्‍डरों, भ्रष्‍ट सरकारी नगर परिषद कार्मिकों, नेताओं नगर (नगर भक्षकों) तथा रिक्‍शेवालों को गालियॉं दे रहा था। इस दौरान इंद्र देव की अनवरत कृपा हो रही थी।

इस बीच एक रिक्‍शा नजर आया । मैंने उसे रूकने का इशारा किया पर उसने इशारे का जवाब हाथ हिला कर दिया और आगे बढ़ गया। मैं अपने परिवार की मौजूदगी भूल उसे ‘’अमृत वचन’’ देने लगा। दो मिनट बाद वह लौट आया, मैं बस तैयार ही था, रिक्‍शे के रूकने से पूर्व ही उसमें कूद गया और अपनी पत्‍नी व बच्‍चों को बैठाते ही कहा ‘’हास्पिटल जाना है।‘’ मेरा क्रोध अभी शांत नहीं हुआ था। मैं अन्‍दर ही अंदर कुढ़ रहा था , इस बीच उसने बात छेड़ी’’ साहब , स्‍वामी विवेकानन्‍द जी को जानते हैं...... रामकृष्‍ण परमहंस उनके गुरू थे । बड़े ज्ञानी .............। मुझे उसकी बातों में बिलकुल रूचि नहीं थी पर करता क्‍या हूँ- हॉं करते रहा।

इस बीच मुझे अस्‍पताल नजर आ गया। मैंने उसे तत्‍काल रूकने को कहा और पैसे चुकता कर दिया । इस बीच मैंने उससे पूछा कि क्‍या वह हमारे लिए थोड़ी देर इंतजार करेगा। उसने स्‍वीकारोत्ति में सिर हिला दिया। डॉक्‍टर द्वारा इंजेक्शन देने पर पत्‍नी को तत्‍काल आराम पहुँचा । दवाई लेकर हम उस रिक्‍शेवाले के पास वापस घर लौटने के लिए पहुँचे। अब तक मेरा गुस्‍सा गायब हो चुका था। उसने हमे लिया और बढ़ चला। उसने फिर बातों का सिलसिला छेड़ दिया । कभी अध्‍यात्मिक, कभी रोजी-रोटी की । इस बीच उसने कहा कि ‘’ क्‍या करते हैं साहब ? मैंने कहा ‘’ आर्डनेन्‍स फैक्‍टरी में काम करता हूँ । फिर तो उसने वेतन और सुविधाओं के बारे में पूछना आरम्‍भ किया । मैं बस हूँ- हॉं किए जा रहा था और मन ही मन सोचने लगा , अच्‍छा बच्‍चू, अब मेरे पेमेन्‍ट के बारे में पूछ कर तय भाड़े से अधिक भाड़ा मॉगने की कोशिश करने लगे हो। मैं तय भाड़े से एक रूपया भी अधिक नहीं दूँगा । इस बीच उसने कहा ‘’ देखिए, साहब! इन्‍होंने रोड की क्‍या हालत कर दी है ? उसका बस यह कहना था कि मैं फूट पड़ा भ्रष्‍ट नगर परिषद कार्मिकों, नगरसेवकों, बिल्‍डरों पर ‘’ सब चोर हैं साले ! गोली मार देना चाहिए।‘’

इस पर उसने कहा ‘’साहब किसकिस को गोली मारिएगा ? इन सब के लिए तो क्‍या किसी न किसी रूप में हम भी जिम्‍मेदार नहीं हैं। हममें से  अधिकांश  लोग एक एक वोट के लिए तीन तीन 3000/- हजार रूपया लेते हैं, अच्‍छे पढ़े-लिखे, नौकर पेशा लोग भी......... । भ्रष्‍ट सरकारी कार्मिक भी हमारे ही भाई बंद हैं। नेता......... और ये नेता तो चाह कर भी इस पर कुछ नहीं बोल सकते हैं। देखों न चीन हमारे विरूद्ध सीमा पर मिसाइल पर मिसाइल तैनात कर रहा है और हमारे नेता उसे हमारा मित्र देश बताते हैं, कहते हैं कि उससे हमें कोई खतरा नहीं है। उसके खिलौने गृहपयोगी वस्‍तुएं हमारे घरों में पैठ बना चुके हैं। हमारे लोग सस्‍ते के चक्‍कर में उनका सामान खरीद कर जाने अनजाने अपने देश का पैसा विदेशों में पहुँचा रहे हैं। इन्‍हीं पैसे को वह हमारे देश के विरूद्ध इस्‍तेमाल कर रहा है, हमारे देश के सीमावर्ती प्रदेशों को हड़पने के लिए नीत नई साजिश रच रहा है। विद्यटनकारी तत्‍वों को आर्थिक एवं शस्‍त्रों की मदद दे रहा है । सीमा पर मिसाइल तैनात कर अनावश्‍यक तनाव पैदा कर रहा है।

साहब, ‘’चीनी समान’’ बच्‍चों के लिए भी घातक हैं । उनमें बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए घातक केमिकल्‍स होते हैं। आप तो पढ़े लिखे हैं, आप कभी ‘’चाइना’’ का सामान नहीं खरीदना और अपने नाते रिश्‍तेदारों और दोस्‍तों को भी मना कर देना। न हम उसका सामान खरीदेंगे , न ही हमारा पैसा उसके पास जाएगा, न ही वह समृद्ध होगा और हमें ऑंख दिखाएगा।

मैं एकचित्‍त होकर उसे सुन रहा था । इस बीच उसने कहा ’’ साहब, आपका घर आए हुए 10 मिनट हो गया, माफ कीजिए आपका समय लिया । इस बीच मैंने अपनी पत्‍नी को घर जाने का इशारा किया । मैंने उससे भाड़े के बारे में पूछा ‘’ कितना हुआ ? साहब, आप जो देना चाहते हैं। दे दीजिए। मैंने उसे निसंकोच होकर भाड़ा मॉंगने के लिए कहा । मेरे बहुत कहने पर उसने तय भाड़ा ही लिया ‘’वेटिंग चार्ज’’ भी नहीं लिया। मैंने उससे पूछा कितना पढ़े हो ? इस पर वह कुछ झेप गया और कतराते हुए कहने लगा , ‘’ अनपढ़ हूँ, साहब!, नमस्‍कार करते हुए वह आगे निकल गया।

अब तक मैं समझ चुका था कि कौन सही में ‘’अनपढ़’’ हैं।